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कैंसर के अंतिम चरण के आठलकà¥à¤·à¤£ :
गैर-पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¶à¥€à¤² आंख की पà¥à¤¤à¤²à¥€
मौखिक संवेदनाओं के लिठपà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की कमी दृशà¥à¤¯ संवेदनाओं के लिठपà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में कमी
पलकें बंद करने में असमरà¥à¤¥à¤¤à¤¾
चेहरे के आकार में बदलाव
गरà¥à¤¦à¤¨ के आकार में बदलाव गले से हलà¥à¤•ी गà¥à¤°à¥à¤°à¤¾à¤¹à¤Ÿ जैसी धà¥à¤µà¤¨à¤¿ और ऊपरी जठरांतà¥à¤° से रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µà¥¤
शोधकरà¥à¤¤à¥à¤¤à¤¾à¤“ं का कहना है कि यदि मरीज में ये आठलकà¥à¤·à¤£ देखे जाते हैं, तो तीन दिनों के अंदर उसकी मौत हो सकती है। यà¥à¤¨à¤¿à¤µà¤°à¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ ऑफ टेकà¥à¤¸à¤¾à¤¸ के à¤à¤®à¤¡à¥€ à¤à¤‚डरसन कैंसर सेंटर के पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° डेविड हà¥à¤ˆ ने कहा,जब कैंसर का मरीज (Cancer Patient) मरणासनà¥à¤¨ अवसà¥à¤¥à¤¾ में होता है, तो परिवार के लिठयह बेहद à¤à¤¾à¤µà¥à¤• समय होता है। उनके तनाव के सà¥à¤¤à¤° को समठपाना बेहद मà¥à¤¶à¥à¤•िल है।
हà¥à¤ˆ ने कहा, ;à¤à¤¸à¥‡ मामलों में यदि पहले से मालूम हो कि मरीज के पास जिंदगी के दिन कम हैं, तो उसके परिजन या देखà¤à¤¾à¤² करने वाले उसी अनà¥à¤°à¥‚प खà¥à¤¦ को मानसिक रूप से तैयार कर सकते हैं।’’ यह अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ जरà¥à¤¨à¤² कैंसर में पà¥à¤°à¤•ाशित हà¥à¤† है।
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